दिवाली से एक हफ्ता पहले की बात है। राजू अपनी पत्नी सीमा के साथ बाजार जाने की तैयारी कर रहा था। “सीमा जल्दी करो! दो घंटे से तैयार हो रही हो,” राजू ने चिल्लाया। सीमा ने दस बिंदियां और नीली चोटी लगाकर तैयारी की थी। राजू हंस पड़ा, “बंदरिया लग रही हो!” गुस्से में…
Month: October 2025
राधा की किस्मत का खेल
एक गांव में केशव नाम का व्यापारी रहता था। उसकी दो बेटियां थीं – राधा और रानी। राधा केशव की पहली पत्नी से थी, जो उसे छोड़कर चली गई थी। बाद में केशव ने कमला से शादी की, जो रानी की मां थी। कमला राधा से घृणा करती थी। जब केशव व्यापार के…
चालाक लोमड़ी और भोली बकरी
एक समय की बात है, एक घने जंगल के पास एक गाँव था। उस गाँव में एक पुराना कुआँ था जो अब उपयोग में नहीं आता था। एक दिन, राजू नाम की एक चालाक लोमड़ी शिकार की तलाश में इधर-उधर घूम रही थी। वह इतना व्यस्त था कि उसने कुएँ को नहीं देखा…
स्वार्थ का जाल | अजनबी अंकल की सच्चाई | भावुक कहानी
मुरादाबाद शहर में मीरा नामक महिला लोगों के घरों में काम करके गुजारा करती थी। उसकी पांच साल की बेटी पारुल थी, जो स्कूल जाने की जिद करती रहती। मजबूरन मीरा ने पारुल का दाखिला सरकारी स्कूल में करवा दिया। “कभी किसी अजनबी से बात मत करना,” मीरा ने पारुल को समझाया। लेकिन एक दिन…
चालाक खरगोश की कहानी
एक समय की बात है, घने हरे-भरे जंगल में छोटू नाम का एक प्यारा सा खरगोश रहता था। छोटू बहुत ही चतुर और समझदार था। उसकी सफेद चमकदार फर और लंबे कान उसे जंगल के सभी जानवरों में अलग बनाते थे। वह हमेशा मुसीबतों से बचने के लिए अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करता था।…
मूर्ति की चोरी (The Idol Theft)
एक बार राजा अकबर के राज्य में एक अंतर्राष्ट्रीय कला सम्मेलन आयोजित हो रहा था। यह सम्मेलन हर वर्ष किसी न किसी राज्य में होता था और इस बार जिम्मेदारी अकबर के राज्य को मिली थी। मंत्री और सेवक सभी अतिथियों के स्वागत की तैयारियों में व्यस्त थे। इस सम्मेलन में देश-विदेश के राजा-रानी…
मेहनत का फल
चंदनपुर गाँव में दो भाई अरुण और विक्रम रहते थे। अरुण घमंडी और आलसी था, जबकि विक्रम मेहनती और विनम्र। पिता हरिलाल की मृत्यु के बाद अरुण ने पैतृक जमीन बेचकर शहर जाने का फैसला किया। विक्रम गाँव में रहकर खेती करने लगा। शहर में अरुण ने व्यापार शुरू किया और खूब पैसा कमाया।…
निर्लोभी वीर अर्जुन
सुंदरपुर राज्य के एक छोटे गांव में अर्जुन नाम का चरवाहा रहता था। वह प्रतिदिन अपने पशुओं को जंगल ले जाकर बांसुरी बजाया करता था। उसकी बांसुरी की मधुर धुन सुनकर जानवर भी मंत्रमुग्ध हो जाते थे। एक दिन एक साथी चरवाहे ने कहा, “अर्जुन, तुम्हारी प्रतिभा अद्भुत है। क्यों न महाराज…
जंगल की सच्ची मित्रता
बहुत समय पहले की बात है, घने जंगल में चीतल नाम का एक सुंदर हिरण रहता था। उसके सींग चमकीले थे और उसकी आँखें बहुत मासूम थीं। चीतल का सबसे अच्छा दोस्त था काली नाम का एक चतुर कौवा। दोनों की दोस्ती बचपन से थी। वे साथ खेलते, साथ खाना खाते और एक-दूसरे की हर…
जिज्ञासु गजराज और नदी का रहस्य
बहुत समय पहले की बात है, घने हरे-भरे वन में गजराज नाम का एक नन्हा हाथी रहता था। उसकी छोटी-छोटी आंखें हमेशा कुछ नया देखने के लिए उत्सुक रहती थीं और उसका मन प्रश्नों से भरा रहता था। सुबह से शाम तक वह जंगल के हर जानवर से कुछ न कुछ पूछता रहता।…









