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Workshop 9

दिवाली की कहानी  

Posted on October 20, 2025 by Kahani Ki Duniya

 

दिवाली से एक हफ्ता पहले की बात है। राजू अपनी पत्नी सीमा के साथ बाजार जाने की तैयारी कर रहा था। “सीमा जल्दी करो! दो घंटे से तैयार हो रही हो,” राजू ने चिल्लाया। सीमा ने दस बिंदियां और नीली चोटी लगाकर तैयारी की थी। राजू हंस पड़ा, “बंदरिया लग रही हो!” गुस्से में सीमा ने सब हटाया और वे शहर के लिए निकल पड़े।

बाजार में राजू ने चंपा के लिए पीली माला खरीदी। सीमा ने भी लाल माला ले ली। फिर तीनों गधों के लिए कपड़े खरीदे – सोनू के लिए संतरी, मोती के लिए हरा और चंपा के लिए लाल। सीमा को एक सुंदर सितारों वाली लाल साड़ी पसंद आई जो ₹3500 की थी। राजू ने कहा, “बहुत महंगी है,” और वे बिना खरीदे लौट आए।

अगले दिन सीमा ने तीनों गधों की पोशाकें सिलनी शुरू कीं। सोनू शरारत करने लगा और कपड़ा लेकर भागा। चंपा ने उसे रोका और लात मारी। सीमा मुस्कुराई, “चंपा तुमने सही किया।” उसने मेहनत से सभी की पोशाकें तैयार कीं।

दिवाली वाले दिन राजू काम पर गया और सीमा ने चंपा को घर पर रखा। सीमा ने चंपा को नोट देकर दिए लेने भेजा। चंपा समझदारी से दुकानदार को नोट और कागज दिया। दुकानदार हैरान रह गया, “वाह! कितनी समझदार गधी है।”

फिर सीमा ने चंपा को अपनी बचत से राजू के लिए कुर्ता-पायजामा खरीदने भेजा। वह राजू को दिवाली का उपहार देना चाहती थी।

शाम को राजू काम से लौटा तो उसके साथ दो गरीब बच्चे मिन्नी और टिंकू भी थे। सीमा नाराज हुई, “ये कौन हैं?” राजू बोला, “ये बेचारे कूड़ा बीन रहे थे। सोचा साथ दिवाली मनाएंगे।”

तभी राजू ने बताया कि एक व्यापारी के आर्डर पहुंचाने में सोनू और मोती ने मदद की थी। उसी के पैसों से राजू ने सीमा के लिए वही सितारों वाली साड़ी खरीद ली थी। सीमा की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।

सीमा ने राजू को कुर्ता-पायजामा दिया। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया। फिर सभी ने नए कपड़े पहने। राजू ने चंपा, मोती और सोनू को भी सजाया।

शाम को पूरे परिवार ने मिलकर लक्ष्मी माता की पूजा की। दिए जलाए गए। बच्चों ने फुलझड़ी, अनार और पटाखे चलाए। सीमा ने सबको मिठाई खिलाई। राजू गाने लगा, “आई रे दिवाली, खुशियां लाई रे दिवाली!”

तीनों गधे और बच्चे नाचने लगे। चारों तरफ रोशनी थी। हर चेहरे पर खुशी थी। मिन्नी और टिंकू ने कहा, “आपने हमें परिवार का प्यार दिया।”

राजू बोला, “दिवाली त्यौहार सबके साथ मनाने का है। दूसरों की खुशी में ही सच्ची खुशी है।”

रात भर रोशनी जगमगाती रही और सबके दिल भी प्रकाश से भर गए।

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Category: Bedtime Stories, Fairy Tales, Folk Tales, Inspirational Stories, Moral Stories, Stories

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