सुंदरपुर राज्य के एक छोटे गांव में अर्जुन नाम का चरवाहा रहता था। वह प्रतिदिन अपने पशुओं को जंगल ले जाकर बांसुरी बजाया करता था। उसकी बांसुरी की मधुर धुन सुनकर जानवर भी मंत्रमुग्ध हो जाते थे। एक दिन एक साथी चरवाहे ने कहा, “अर्जुन, तुम्हारी प्रतिभा अद्भुत है। क्यों न महाराज…
Magic & Fantasy
जंगल की सच्ची मित्रता
बहुत समय पहले की बात है, घने जंगल में चीतल नाम का एक सुंदर हिरण रहता था। उसके सींग चमकीले थे और उसकी आँखें बहुत मासूम थीं। चीतल का सबसे अच्छा दोस्त था काली नाम का एक चतुर कौवा। दोनों की दोस्ती बचपन से थी। वे साथ खेलते, साथ खाना खाते और एक-दूसरे की हर…
जीवन बदलने वाली कहानी
गंगापुर गाँव में राजेश और उसकी पत्नी सीमा अपने दो बच्चों आदित्य और प्रिया के साथ रहते थे। यह परिवार बहुत गरीब था। राजेश दिन में ऑटो चलाता था और शाम को सीमा के साथ मजदूरी करके घर लौटता था। दोनों बच्चे पढ़ाई में बहुत अच्छे थे और सीमा एक उत्कृष्ट रसोइया थी। उसके हाथ…
अमरूद का पेड़: एक साथी की कहानी
राज और प्रिया दो भाई-बहन थे जो अपनी माँ के साथ रहते थे। प्रिया जन्म से नेत्रहीन थी, लेकिन उसका साहस और हुनर किसी से कम नहीं था। वह गाती, पढ़ती और घर के सभी काम संभालती थी। प्रिया का एक खास साथी था – आँगन में लगा अमरूद का पेड़। बचपन से…
किसान की चतुराई और जादुई खजाना
बंजरियापुर गाँव में विजय नाम का एक मेहनती किसान अपनी पत्नी कमला के साथ रहता था। गाँव में पानी की भारी कमी थी, लेकिन विजय हार नहीं मानता था। एक दिन उसे एक रहस्यमयी सपना आया। सपने में एक साधु ने कहा, “विजय, तुम्हारे खेत के पास पुराने कुएँ में तुम्हारी किस्मत छिपी है।…
माँ दुर्गा का न्याय
रामकृष्ण नाम का व्यक्ति अपनी पत्नी गीता और बेटी प्रिया के साथ सुंदरगांव में रहता था। वे तीनों एक छोटे से घर में खुशी से रहते थे। रामकृष्ण गांव के सेठ विकास के ढाबे पर काम करता था। शादी के अठारह साल बाद उन्हें संतान का सुख मिला था। सेठ के ढाबे पर हमेशा…
शिकारी अर्जुन और राक्षसी सूअर
केशव राज्य के घने जंगलों के बीच बसे सोनपुर गांव में रहता था प्रसिद्ध शिकारी अर्जुन। हर पूर्णिमा की रात एक विशाल सूअर गांव में आकर फसलों को नष्ट कर देता था। गांव के जमींदार राजेश और उसके मित्र गोपाल ने इस समस्या से परेशान होकर अर्जुन से मदद मांगी। “अर्जुन भाई, केवल…
चुंदू चूहा और रामू बैल
एक गर्मी की दोपहर में, चुंदू चूहा अपने बिल से बाहर निकला। वह इधर-उधर भोजन की तलाश में घूम रहा था। अचानक उसकी नज़र एक विशाल पीपल के पेड़ के नीचे सो रहे रामू बैल पर पड़ी। रामू बहुत गहरी नींद में था और जोर-जोर से खर्राटे ले रहा था। चुंदू को बड़ा…
हृदय की शुद्धता
सुंदरपुर गांव में राजू नाम का एक अनाथ लकड़हारा रहता था। गांववाले उसे भोला कहकर चिढ़ाते थे। एक दिन राजू जंगल जा रहा था तो उसका मित्र मोहन दौड़कर आया। “अरे राजू! मैं भी तो लकड़हारा हूं। हम साथ क्यों नहीं जाते?” मोहन ने पूछा। “भाई, मैं जल्दी उठ जाता हूं। तुम देर से…









