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अमरूद का पेड़: एक साथी की कहानी

Posted on October 2, 2025 by Kahani Ki Duniya

 

 

राज और प्रिया दो भाई-बहन थे जो अपनी माँ के साथ रहते थे। प्रिया जन्म से नेत्रहीन थी, लेकिन उसका साहस और हुनर किसी से कम नहीं था। वह गाती, पढ़ती और घर के सभी काम संभालती थी।

प्रिया का एक खास साथी था – आँगन में लगा अमरूद का पेड़। बचपन से वह इस पेड़ से बातें करती, अपने सुख-दुख साझा करती। यह पेड़ उसकी दुनिया था। राज का दोस्त समीर प्रिया को चुपके से पसंद करता था, लेकिन वह नहीं चाहता था कि प्रिया उस पर बोझ बने।

राज की चाचा नरेश और चाची सुमित्रा आँगन की जमीन हथियाना चाहते थे। उन्होंने दुकान बड़ी करने के लिए यह जमीन बेचने की योजना बनाई। जब प्रिया ने इनकार किया, तो नरेश ने रात में मजदूरों से अमरूद का पेड़ कटवा दिया।

सुबह जब प्रिया को पता चला, वह टूट गई। उसका एकमात्र साथी छिन गया था। गाँव वालों ने जब यह सुना, तो वे नरेश से नाराज हो गए और उनसे रिश्ता तोड़ लिया। सुमित्रा भी बच्चों को लेकर चली गई।

पेड़ के गुम होने के सदमे से प्रिया बीमार पड़ गई। डॉक्टर ने बताया कि उसकी आँखों और दिमाग का तुरंत इलाज जरूरी है। राज परेशान था – इतने पैसे कहाँ से आएँ?

तभी समीर आगे आया। उसने अपनी जमीन बेचकर प्रिया के इलाज का खर्च उठाया। राज हैरान रह गया। समीर ने कहा, “भाई, तुम्हारे सिवा मेरा कोई नहीं। प्रिया की खुशी ही मेरी खुशी है।”

इलाज सफल रहा। प्रिया ने पहली बार सूरज की रोशनी देखी। उसने अपने दादा, माँ और समीर को देखा। खुशी से उसकी आँखें भर आईं।

इधर, अकेलेपन और पछतावे ने नरेश को बदल दिया। वह प्रिया के पास आया और माफी माँगी। प्रिया ने बिना किसी शिकायत के उसे माफ कर दिया। उसने कहा, “आप मेरे पिता समान हैं। मैं कैसे आपसे नाराज रह सकती हूँ?”

नरेश की आँखें नम हो गईं। उसने प्रिया को अपनी बेटी माना और परिवार फिर से एक हो गया।

जब प्रिया ठीक हो गई, तो शादी की बात चली। प्रिया ने मना किया, लेकिन राज मुस्कुराया। उसने समीर को बुलाया और कहा, “दूल्हा तो हमारे सामने ही है!”

समीर हैरान रह गया। राज ने कहा, “तूने बहन के लिए सब कुछ किया। तुझसे बेहतर दूल्हा कौन हो सकता है?”

प्रिया शर्मा गई। उसे भी समीर की सच्चाई समझ आ गई थी।

शादी धूमधाम से हुई। समीर ने अपने घर में कई अमरूद के पेड़ लगवाए ताकि प्रिया को अपना साथी याद रहे। प्रिया खुश थी – उसे न सिर्फ नई जिंदगी मिली, बल्कि एक सच्चा साथी भी मिला।

  सच्चा प्यार त्याग और समर्पण में होता है। माफी माँगने और देने में ही परिवार की असली ताकत है।

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Category: Fairy Tales, Folk Tales, Inspirational Stories, Magic & Fantasy, Moral Stories, Stories

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