दिसंबर की कड़ाके की ठंड थी। रामपुर गांव बर्फ की चादर में लिपटा हुआ था। इस खूबसूरत गांव में गरीबी और संघर्ष का बोझ उठाते लोग रहते थे। विक्रम और अजय दो मजदूर दोस्त आग के पास बैठे सेठ गोपाल के बुलावे की बात कर रहे थे। ठंडी हवा में उनकी सांसें धुएं की तरह…
जंगल में खोया शावक: साहस और मित्रता की कहानी अफ्रीका के घने और हरे-भरे जंगल में, जहां ऊंचे-ऊंचे पेड़ों की छाया में हजारों जानवर रहते थे, वहीं एक छोटा सा शेर का बच्चा रहता था। उसका नाम था सिंबा। सिंबा अपनी मां के साथ हमेशा खेलता रहता था। वह बहुत ही चंचल और जिज्ञासु स्वभाव…
कर्म की महिमा: मोची से राजा तक का सफर
तारानगर राज्य में राजा विक्रम का शासन था। वहीं एक गांव में रहता था अर्जुन नाम का मोची, जो अपनी बीमार मां शांति के साथ रहता था। एक दिन अर्जुन ने अपनी मां से कहा, “मां, आज मैं दवाई लेकर आऊंगा। चिंता मत करो।” शांति ने कहा, “बेटा, तेरा काम तो चल नहीं रहा। पैसे…
जंगल में एनाकोंडा का आतंक | वीरबल की बहादुरी | Moral Story Hindi
गढ़ चिरौली के घने जंगल में एक दिन अचानक खलबली मच गई। शिकारियों का एक समूह जंगल में घुस आया था और सभी जानवर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। शिकारियों का सरदार चिल्लाया, “किसी भी जानवर को बचकर नहीं जाने देना!” जानवरों को पकड़ते समय अचानक शिकारियों को एक विशाल एनाकोंडा…
चालाक लोमड़ी और मूर्ख कौआ
बहुत समय पहले की बात है, एक घने जंगल में काली नामक एक कौआ रहता था। काली एक साधारण कौआ था, जो पूरे दिन जंगल में इधर-उधर उड़ता रहता था और अपने भोजन की तलाश में रहता था। उसकी आवाज़ बहुत कर्कश थी, लेकिन वह खुद को जंगल का सबसे अच्छा गायक मानता था। काली…
दोपहर का समय था। घने जंगल से निकलते हुए व्यापारी संजय अपने घोड़े पर सवार होकर दीपनगर की ओर बढ़ रहे थे। थकान महसूस होने पर उन्होंने एक विशाल वृक्ष के नीचे विश्राम करने का निर्णय लिया। तभी एक रंग-बिरंगा पक्षी उड़कर आया और उन्हें घूरने लगा। संजय को यह बहुत विचित्र लगा। कुछ देर…
अज्ञानता का खेल | शिक्षा का महत्व | प्रेरक कहानी
रामपुर गाँव में शिक्षा का नाम-निशान तक नहीं था। गाँव के लोग केवल खाना-पीना और सोना जानते थे। अंग्रेजी तो दूर, उन्हें हिंदी भी ठीक से नहीं आती थी। खुद कभी पढ़े नहीं थे, तो अपने बच्चों को पढ़ाने की बात कैसे सोचते। एक दिन रामकिशन नाम का एक व्यक्ति गाँव में सामान बेचने आया।…
ईमानदारी का फल
गाँव के किनारे एक छोटे से घर में विनम्र देवी अपने बेटे अर्जुन के साथ रहती थी। उम्र ढल चुकी थी, आँखों में थकान थी, पर दिल में बेटे के लिए अटूट उम्मीद। अर्जुन पच्चीस साल का मेहनती नौजवान था। पिता का साया सिर से उठ चुका था। वह दिन में खेतों पर मजदूरी करता…
सोने का लालच: राजू की कहानी राजू एक छोटे से गांव में रहने वाला साधारण बुनकर था। वह पूरे साल सर्दियों का इंतजार करता और ऊनी स्वेटर बनाकर अपना गुजारा चलाता था। राजू को बस एक ही काम आता था – ऊन की बुनाई। उसकी जिंदगी सादगी से भरी थी और वह अपनी मेहनत की…
लालच का फल: धोबी रामू और गधा मोती की कहानी
एक समय की बात है, सुंदरपुर नामक एक छोटे से गांव में रामू नाम का एक धोबी रहता था। रामू के पास मोती नाम का एक गधा था, जो उसका वफादार साथी था। रामू हर रोज सुबह-सुबह अपने गधे मोती पर कपड़ों की भारी गठरियां लादकर गांव से पांच किलोमीटर दूर स्थित नीलकंठ तालाब पर…









