एक गर्मी की दोपहर में, चुंदू चूहा अपने बिल से बाहर निकला। वह इधर-उधर भोजन की तलाश में घूम रहा था। अचानक उसकी नज़र एक विशाल पीपल के पेड़ के नीचे सो रहे रामू बैल पर पड़ी। रामू बहुत गहरी नींद में था और जोर-जोर से खर्राटे ले रहा था। चुंदू को बड़ा…
Moral Stories
हृदय की शुद्धता
सुंदरपुर गांव में राजू नाम का एक अनाथ लकड़हारा रहता था। गांववाले उसे भोला कहकर चिढ़ाते थे। एक दिन राजू जंगल जा रहा था तो उसका मित्र मोहन दौड़कर आया। “अरे राजू! मैं भी तो लकड़हारा हूं। हम साथ क्यों नहीं जाते?” मोहन ने पूछा। “भाई, मैं जल्दी उठ जाता हूं। तुम देर से…
गांव का नाई
माधव एक छोटे से गांव में रहता था। एक दिन वह बाल कटाने के लिए गांव के एकमात्र नाई बिरजू के पास गया। “भाई, मेरे बाल काट दो,” माधव ने कहा। “बैठ जाओ, लेकिन ₹150 लूंगा,” बिरजू ने जवाब दिया। माधव हैरान हो गया, “क्या? ₹150? तुम तो पहले ₹50 में काटते थे!” “अब…
बंदर और घंटी की कहानी
बहुत समय पहले एक गाँव में एक चोर रहता था। वह अक्सर गाँव में जाकर लोगों का सामान चुरा लेता था। एक दिन मंदिर के पास से गुजरते समय उसकी नजर एक सुंदर घंटी पर पड़ी। उसने उत्साह से घंटी को पकड़ लिया और सोचने लगा कि इसे बेचकर वह कितने पैसे कमा सकता…
दयालु गाय और बकरी की कहानी
बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गांव में रामू नाम का एक किसान रहता था। रामू एक सीधा-सादा आदमी था जो अपनी मेहनत से अपना गुजारा करता था। उसके पास एक बहुत ही प्यारी और सुंदर बकरी थी जिसका नाम चांदनी था। चांदनी का रंग बर्फ की तरह सफेद था…
लालची मच्छर (The Greedy Mosquito)
एक गर्म गर्मी की रात थी। चारों ओर सन्नाटा छाया हुआ था और केवल झींगुरों की आवाज़ें सुनाई दे रही थीं। एक छोटे से गांव में राम नाम का एक मेहनती किसान अपने घर की छत पर लेटा हुआ था। दिन भर की मेहनत के बाद वह आराम करना चाहता था। अचानक उसके…
स्वर्ण आम का पेड़ – शिव की कहानी
श्यामपुर नामक गांव में शिव नाम का एक युवक अपनी मां के साथ रहता था। वह अपने आम के बगीचे से आम बेचकर जीवन यापन करता था। शिव अपने पेड़ों की अच्छी देखभाल करता था, लेकिन उसके आम कभी कच्चे होते और कभी खराब हो जाते थे। बाजार में व्यापारी उसके आम देखकर कहते,…
मनसुख दूधवाला की कहानी
मनसुख एक दूधवाला था जो गाँव में हर घर में दूध बेचता था। लोग उसे बहुत ईमानदार और गरीब समझते थे। वह रोज़ाना साइकिल पर दूध लेकर घर-घर जाता था। एक दिन मनसुख सुनीता आंटी के घर गया। “आंटी, आपका दूध ले आइए,” उसने आवाज़ लगाई। “हाँ हाँ, आज आधा लीटर ज्यादा दे दो।…
मूर्ख खरगोश की गलती
बहुत समय पहले एक घने जंगल में एक खरगोश रहता था। यह खरगोश बहुत ही अजीब स्वभाव का था। उसकी एक बुरी आदत थी – वह हमेशा दूसरे जानवरों की नकल करने की कोशिश करता रहता था। कभी वह बंदर की तरह पेड़ों पर चढ़ने की कोशिश करता, कभी हाथी की तरह अपनी आवाज़…
माँ का त्याग
सुंदरपुर गाँव में आशा नाम की एक महिला अपने पति विश्वनाथ और दो बेटों राजू और सुहास के साथ रहती थी। दोनों बच्चे पढ़ाई में बहुत तेज़ थे। यह देखकर आशा हमेशा अपने पति से कहती, “हमारे बच्चे बहुत होनहार हैं। हम इन्हें अच्छी शिक्षा देकर इनके पैरों पर खड़ा करेंगे।” “हाँ आशा, मैं…









