Skip to content
Kahani Ki Duniya
Menu
  • Home
  • Stories
    • Bedtime Stories
    • Fairy Tales
    • Inspirational Stories
    • Magic & Fantasy
    • Moral Stories
  • Folk Tales
  • YouTube Channel
  • About
  • Contact
    • गोपनीयता नीति (Privacy Policy)
    • Disclaimer Page (डिस्क्लेमर पेज)
    • Terms of Use / Terms and Conditions Page (उपयोग की शर्तें)
Menu
Untitled 1

. Ek Raat Main Mar Gaya | श्राप जो पीढ़ियों से चला आया | Hindi Horror Story | Dark Tales

Posted on March 1, 2026 by Kahani Ki Duniya

  एक ऐसा गांव जिसकी हवाएं भी डर से कांपती थीं। चारों ओर खेत, टूटी सड़कें और रात होते ही एक ऐसा सन्नाटा जो रोंगटे खड़े कर दे। मानो किसी अदृश्य शक्ति ने पूरे गांव को अपनी मुट्ठी में जकड़ रखा हो। पिछले कुछ समय से हर रात एक न एक इंसान गायब हो जाता था — कोई आवाज़ नहीं, कोई निशान नहीं, बस सुबह ज़मीन पर एक जला हुआ काला धब्बा।

शहर में रहने वाले अर्जुन सिंह को अचानक उस गांव लौटना पड़ा — अपने पिता की असमय मृत्यु के बाद पुश्तैनी ज़मीन और घर के कागज़ात पूरे करने के लिए। उसने कभी नहीं सोचा था कि यह यात्रा उसकी ज़िंदगी बदल देगी।

शाम ढल रही थी। आसमान में धुंध की चादर बिछी थी। अर्जुन एक ऑटो में बैठा शांतिपुर की ओर बढ़ रहा था। ऑटो चालक राजू चुपचाप गाड़ी चला रहा था। अचानक उसने धीमी आवाज़ में कहा — ‘साहब, रात को बाहर मत जाइएगा। यहां की रातें… अच्छी नहीं हैं।’ अर्जुन ने खिड़की से बाहर झांका। सड़क किनारे खड़े पेड़ अजीब परछाइयां बना रहे थे। हल्की हवा में शाखाएं जैसे फुसफुसा रही हों।

गांव के चौक पर ऑटो रुका। सन्नाटा था — न कोई दुकानदार, न कोई राहगीर। चौपाल खाली पड़ी थी। कुत्ते अपनी-अपनी जगह बंधे भौंक रहे थे, जैसे किसी अनजान डर से सावधान कर रहे हों। राजू ने सिर हिलाया और चला गया। अर्जुन अपने पुराने घर की ओर बढ़ा — टूटी सीढ़ियां, चरमराती दीवारें और बंद दरवाजा।

तभी उसे एक जानी-पहचानी आवाज़ सुनाई दी। ‘अर्जुन! इतने साल बाद?’ यह थी प्रिया — उसकी बचपन की दोस्त, जो अकेली रहती थी। उसका चेहरा थका हुआ था, आंखों में एक अजीब खालीपन। ‘यहां इतना सन्नाटा क्यों है?’ अर्जुन ने पूछा। प्रिया ने धीरे से जवाब दिया — ‘अर्जुन, हर रात कोई न कोई गायब हो जाता है। कोई आवाज़ नहीं, कोई निशान नहीं। बस सुबह जली हुई ज़मीन।’

अर्जुन ने उसे समझाने की कोशिश की — ‘यह सब अफवाहें हैं।’ लेकिन भीतर से एक ठंडी लकीर रीढ़ से गुज़र गई। रात गहरी होने लगी। घर के पुराने कमरे में बैठे अर्जुन को खिड़कियों पर अजीब परछाइयां दिखने लगीं। दीवारों के पीछे से नाम पुकारने की आवाज़ें आने लगीं — ‘अर्जुन… अर्जुन…’ वो मुश्किल से सो पाया।

अगले दिन गांव में घूमते हुए अर्जुन को मिले बुज़ुर्ग पुजारी पंडित विश्वनाथ। उनकी आंखों में गहरी चिंता थी। ‘रवि, तुम यहां आ गए। मुझे डर था यही होगा।’ ‘क्यों?’ अर्जुन ने पूछा। पंडित जी ने एक लंबी सांस ली — ‘यह गांव श्रापित है। तुम्हारे दादा ने इस ज़मीन पर एक प्राचीन मंदिर तुड़वाया था। उस मंदिर में एक रक्षक आत्मा बंद थी — जो गांव की रक्षा करती थी। जब मंदिर टूटा, वो आत्मा कैद हो गई। अब हर रात वो किसी की आत्मा खींचती है — मुक्ति पाने के लिए।’

अर्जुन सुन्न हो गया। उस रात धुंध और भी घनी थी। दीवारों पर परछाइयां नाचती थीं। तीसरी रात अर्जुन ने फैसला किया — वो उस जगह जाएगा जहां मंदिर था। प्रिया ने रोकने की कोशिश की — ‘मत जाओ अर्जुन, तुम वापस नहीं आ पाओगे।’ लेकिन अर्जुन ने जवाब दिया — ‘डर से भागने से कुछ नहीं होगा। सच्चाई जाननी है मुझे।’

रात का अंधेरा था। पूरा गांव सांसें रोके देख रहा था। अर्जुन उस जगह पहुंचा जहां कभी मंदिर खड़ा था — जली हुई मिट्टी, टूटी दीवारें और बीच में एक पुराना बुझा हुआ दीया। कांपते हाथों से उसने दीया जलाया। जैसे ही लौ उठी — ज़मीन कांपने लगी। हवा में लंबी सिसकारी गूंजी।

तभी वहां प्रिया आई — लेकिन उसका चेहरा अब प्रिया का नहीं था। आंखों में काली शैतानी रोशनी थी। ‘मैं अब तुम्हें नहीं छोड़ूंगी अर्जुन। तुम्हारी आत्मा निगलकर मैं इस श्राप से मुक्त हो जाऊंगी।’ अर्जुन ने चिल्लाया — ‘नहीं… छोड़ो!’ लेकिन चारों तरफ से काला धुआं उठने लगा। एक तेज़ आंधी आई। और फिर… सन्नाटा।

सुबह जब गांव वाले उस जगह पहुंचे तो वहां बस एक और काला जला हुआ निशान था — अर्जुन सिंह का। शांतिपुर की धुंध और घनी हो गई। सड़कें, खेत, पुराना घर — सब जैसे अर्जुन की अनुपस्थिति को महसूस कर रहे थे। प्रिया अब गांव में खुलकर घूमती थी — उसकी आंखों में वही काली रोशनी। हर रात वो नए शिकार ढूंढती। और कोई नहीं जानता था — अगली रात किसकी बारी होगी। शांतिपुर का श्राप अभी ख़त्म नहीं हुआ था।

Post Views: 107
Category: Stories

Post navigation

← हॉस्टल का वो कमरा जहाँ कोई नहीं जाता 😨 | Real Ghost Story | Sachchi Bhoot Kahani
Next Post →

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • अंधकूप की सच्चाई 😨 | 5 दिन की काली विधि ने ज़िंदगी बदली… या जान ले ली? Horror Story
  • मेघना का खूनी सपना 😱 | हॉन्टेड महल की भयानक सच्चाई | The Haunted Dancer Would Not Let Her Go 👻
  • जंगल की रात में सिर कटी चुड़ैल ने किया दोस्त का खून || Headless Woman || Horror Night
  • सुनीता की आखिरी रात — Uss Ghar Ka Khooni Raaz | Hindi Horror Story 😱
  • “20 साल पहले गायब हुआ लड़का — Next Summer फिर आऊंगा… 👁️ | Haunted Camp”

Recent Comments

No comments to show.

Archives

  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025

Categories

  • Bedtime Stories
  • Fairy Tales
  • Folk Tales
  • Inspirational Stories
  • Magic & Fantasy
  • Moral Stories
  • Stories
© 2026 Kahani Ki Duniya | Powered by Minimalist Blog WordPress Theme