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 आलस का फल – एक तोते की सीख

Posted on November 5, 2025 by Kahani Ki Duniya

एक घने जंगल के बीच एक विशाल बरगद का पेड़ था। उस पेड़ की सबसे ऊंची डाल पर रामू नाम का एक हरा तोता अपनी पत्नी चमेली और अपने तीन प्यारे बच्चों के साथ रहता था। रामू बहुत ही आलसी स्वभाव का तोता था। वह हर काम को कल पर टालने की आदत रखता था। उसका घोंसला भी काफी पुराना हो चुका था और कई जगह से टूट गया था।

एक दिन रामू का पुराना दोस्त गोलू कौवा उससे मिलने आया। गोलू ने जब रामू का घोंसला देखा तो वह चिंतित हो गया। उसने कहा, “अरे रामू भाई, तुम्हारा घोंसला तो बहुत खराब हालत में है। इसे जल्दी से ठीक करवा लो। बरसात का मौसम आने वाला है और तुम्हारे बच्चे अभी बहुत छोटे हैं।”

रामू ने लापरवाही से जवाब दिया, “अरे भाई, अभी तो बहुत समय है। मैं कल कर लूंगा। अभी तो मुझे आराम करना है।” गोलू ने फिर समझाया, “नहीं दोस्त, कल पर कभी भी कोई काम नहीं टालना चाहिए। आज का काम आज ही कर लेना चाहिए।”

लेकिन रामू ने अपने दोस्त की बात पर ध्यान नहीं दिया। वह अपने पंख फैलाकर धूप में आराम करने लगा। दिन बीतते गए और रामू का घोंसला और भी खराब होता गया। चमेली ने भी कई बार रामू से घोंसला ठीक करने के लिए कहा, लेकिन रामू हर बार यही कहता, “कल कर लूंगा, कल कर लूंगा।”

एक दिन सुबह-सुबह फिर से गोलू कौवा उड़ता हुआ आया। उसने दूर से ही देखा कि एक शिकारी उस बरगद के पेड़ की ओर आ रहा है। उसके हाथ में एक बड़ा सा पिंजरा था और वह बेल को देख रहा था। गोलू तुरंत समझ गया कि शिकारी का इरादा अच्छा नहीं है।

गोलू जल्दी से रामू के पास पहुंचा और चिल्लाकर बोला, “रामू! रामू! जल्दी उठो! एक शिकारी आ रहा है। तुम्हें अपने बच्चों को लेकर यहां से चले जाना चाहिए। जल्दी करो!”

रामू ने आलस में भरी आवाज में कहा, “अरे यार, अभी तो बहुत सुबह है। मुझे नींद आ रही है। वह शिकारी शायद किसी और काम से आया होगा। तुम बेकार परेशान हो रहे हो।”

गोलू ने फिर से चेतावनी दी, “नहीं रामू, तुम गलत सोच रहे हो। उसके पास पिंजरा है और वह इसी पेड़ की ओर आ रहा है। प्लीज मेरी बात मानो और जल्दी से अपने बच्चों को लेकर दूसरी जगह चले जाओ।”

लेकिन रामू ने फिर से अपने दोस्त की बात को अनसुना कर दिया। वह करवट बदलकर फिर से सो गया। गोलू निराश होकर वहां से चला गया। उसने सोचा कि शायद रामू को अपनी गलती का एहसास तब होगा जब कुछ बुरा हो जाएगा।

थोड़ी देर बाद शिकारी उस पेड़ के पास पहुंच गया। उसने ऊपर घोंसले में रामू के तीन सुंदर बच्चों को देखा। उसकी आंखें चमक उठीं। वह मन ही मन बोला, “वाह! कितने सुंदर तोते के बच्चे हैं! इन्हें मैं पकड़कर शहर में बेच दूंगा। बहुत अच्छे पैसे मिलेंगे। या फिर अपने बच्चों को दे दूंगा, वे इनके साथ खेलकर बहुत खुश होंगे।”

शिकारी ने जल्दी से उस बेल को पकड़ा जो पेड़ से लिपटी हुई थी। वह चुपचाप बेल के सहारे ऊपर चढ़ने लगा। रामू और चमेली अभी भी सो रहे थे। शिकारी धीरे-धीरे घोंसले के पास पहुंच गया।

जैसे ही शिकारी ने रामू के बच्चों को पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, बच्चों ने डर से चीखना शुरू कर दिया। “बचाओ! बचाओ! पापा! मम्मी!” उनकी आवाज सुनकर रामू और चमेली की नींद टूट गई।

रामू ने जब देखा कि शिकारी उसके बच्चों को पकड़ रहा है, तो वह घबरा गया। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा, “रुको! रुको! मेरे बच्चों को मत छुओ! उन्हें छोड़ दो! प्लीज छोड़ दो!”

चमेली भी रोते हुए शिकारी के चारों ओर उड़ने लगी। वह कभी उसके सिर पर चोंच मारती, तो कभी उसकी आंखों के पास जाती। लेकिन शिकारी ने अपने हाथ से उन्हें दूर हटा दिया।

शिकारी ने चुपचाप तीनों बच्चों को पकड़कर अपने पिंजरे में डाल दिया। बच्चे डर से कांप रहे थे और रो रहे थे। रामू और चमेली लाख चिल्लाए, लेकिन शिकारी ने उनकी एक न सुनी। वह पिंजरा लेकर नीचे उतर गया और तेजी से वहां से चला गया।

रामू और चमेली बस उड़ते हुए उसके पीछे-पीछे जाते रहे, लेकिन वे कुछ नहीं कर सके। आखिरकार शिकारी गांव में घुस गया और वे दोनों वापस लौट आए।

घोंसले में आकर रामू फूट-फूटकर रोने लगा। चमेली भी बुरी तरह रो रही थी। तभी गोलू कौवा फिर से वहां आया। उसने रामू को रोते हुए देखा तो उसे भी बहुत दुख हुआ।

रामू ने रोते हुए कहा, “गोलू, काश मैंने तुम्हारी बात मान ली होती। काश मैं अपने आलस को छोड़कर समय पर काम कर लेता। आज मेरे आलस की वजह से मुझे अपने बच्चों से हाथ धोना पड़ा। अब मैं क्या करूं?”

गोलू ने दुखी होकर कहा, “दोस्त, अब पछताने से कुछ नहीं होगा। लेकिन यह तुम्हारे जीवन की सबसे बड़ी सीख है। आलस हमेशा नुकसान पहुंचाता है। समय पर काम न करने का परिणाम हमेशा बुरा होता है।”

उस दिन के बाद से रामू ने अपने आलस को हमेशा के लिए छोड़ दिया। उसने एक नया और मजबूत घोंसला बनाया। वह रोज अपने खोए हुए बच्चों को याद करता और अपनी गलती पर पछताता रहा।

  आलस हमेशा नुकसानदायक होता है। आज का काम कल पर कभी नहीं टालना चाहिए। समय पर सतर्क रहना और अपने प्रियजनों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होना बहुत जरूरी है।

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Category: Bedtime Stories, Fairy Tales, Inspirational Stories, Magic & Fantasy, Moral Stories, Stories

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