तान्या एक साधारण लड़की थी जो एक कन्वीनियंस स्टोर में क्लीनर का काम करती थी। उसकी ज़िंदगी बहुत सीधी-सादी थी — सुबह उठो, काम पर जाओ, घर वापस आओ। न किसी से ज़्यादा बात करो, न किसी के मामलों में दखल दो। वो हमेशा अपने कानों में ईयरफोन लगाए रखती थी ताकि किसी से बात करने की नौबत ही न आए। उसकी यही आदत थी — खुद में रहो, दूसरों से दूर रहो। एक दिन जब वो स्टोर के स्टाफ रूम में गई, तो उसे अंदर कुछ अजीब लगा। अंधेरा था, और एक कोने से हलचल की आवाज़ आ रही थी। जब उसने लाइट जलाई तो उसका दिल ज़ोर से धड़का। लेकिन वो राघव निकला — उसका पुराना सहकर्मी और एक वक्त का करीबी दोस्त। दोनों पहले एक रिश्ते में थे, लेकिन तान्या ने अपनी ज़िम्मेदारियों से डरकर उस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाया था। राघव ने उससे पूछा कि शाम के क्या प्लान हैं। तान्या ने साफ मना कर दिया। राघव ने उसे समझाने की कोशिश की कि कब तक वो इस तरह अपनी ज़िंदगी से भागती रहेगी, कब तक ज़िम्मेदारियों से मुंह मोड़ती रहेगी। लेकिन तान्या ने कोई जवाब नहीं दिया और वहाँ से चली गई। राघव उदास होकर बेंच पर बैठ गया। उस रात तान्या मेट्रो से घर की तरफ जा रही थी। धीरे-धीरे मेट्रो के डिब्बे खाली होते गए और आखिर में सिर्फ तान्या ही बची। मेट्रो उसके घर के पास वाले आखिरी और सबसे सुनसान स्टेशन पर रुकी। तान्या उतरी और बाहर निकलने की कोशिश करने लगी, लेकिन जो गेट वो हमेशा इस्तेमाल करती थी वो कंस्ट्रक्शन की वजह से बंद था। वो दूसरा रास्ता ढूंढने लगी। तभी उसकी नज़र एक अजीब आदमी पर पड़ी जो एक बेंच पर बैठा था। उसने काला मास्क और काला ओवरकोट पहना हुआ था। तान्या को वो थोड़ा अजीब लगा, लेकिन रास्ता पूछने के अलावा कोई चारा नहीं था। वो उसके पास गई और बाहर निकलने का रास्ता पूछा। आदमी ने कोई जवाब नहीं दिया। बस उसे अजीब नज़रों से घूरता रहा। तान्या थोड़ी बेचैन हो गई और सख्त आवाज़ में दोबारा पूछा। आदमी फिर भी चुप रहा। जब तान्या वहाँ से जाने लगी तो उसे पीछे से एक हल्की सी आवाज़ आई। उसने मुड़कर देखा — आदमी एक तरफ इशारा कर रहा था। तान्या उस दिशा में चल पड़ी। वो सीढ़ियाँ उतरकर उस सबवे की तरफ गई जहाँ आदमी ने इशारा किया था। अंदर जाते ही उसे एक अजीब सा एहसास हुआ। तभी एक औरत घबराई हुई तेज़ कदमों से उसके पास से गुज़री और बाहर की तरफ भागी। तान्या ने उसे देखा लेकिन ज़्यादा ध्यान नहीं दिया और आगे बढ़ती रही। आगे जाकर उसे एग्ज़िट गेट दिखा। गेट पर एक बोर्ड लगा था जिस पर लिखा था — Level Zero। तान्या को थोड़ी हैरानी हुई लेकिन वो बाहर निकल गई। लेकिन जैसे ही वो बाहर आई, उसके पैर रुक गए। वो हैरान रह गई — वो फिर से उसी सबवे में थी जहाँ से चली थी। उसने तीन बार बाहर निकलने की कोशिश की। हर बार वो वापस उसी जगह आ जाती थी। आखिरकार थककर एक कोने में बैठ गई और रोने लगी। तभी उसे फिर से वही औरत दिखी जो पहले घबराई हुई भाग रही थी। इस बार वो एक अलग दरवाज़े से आई। तान्या उठी और उस दरवाज़े की तरफ भागी। वहाँ उसे एक बोर्ड दिखा जिस पर लिखा था — Level One। उसके नीचे लिखा था — “गेम यहाँ से शुरू होता है। छूटी हुई चीज़ ढूंढो।” तान्या ने आँखें पोंछीं और हिम्मत करके अंदर कदम रखा। वहाँ वो नकाबपोश आदमी फिर से बैठा था। तान्या रोते हुए उसके पास गई और पूछा कि वो कौन है, क्या चाहता है और ये सब क्या हो रहा है। आदमी पहली बार बोला — “तुम्हारी ज़िंदगी का पहला सबक है — छोटी-छोटी चीज़ों पर ध्यान दो। यही करो और यहाँ से निकलो। याद रहे, गलती हुई तो परीक्षा दोबारा देनी होगी।” इतना कहकर वो दीवार के पीछे चला गया और गायब हो गया। तान्या ने गहरी सांस ली और सबवे को ध्यान से देखने लगी। बेंच, दीवारों पर लगे बैनर, हर कोना। चलते-चलते उसकी नज़र ऊपर लगी एक घड़ी पर पड़ी। घड़ी उल्टी दिशा में चल रही थी। तान्या को समझ आया कि यही वो अजीब बात है जो उसे नोटिस करनी थी। उसने इसे याद रखा और आगे बढ़ी। एग्ज़िट पर अब Level Two का बोर्ड था। नीचे लिखा था — “निस्वार्थ बनो।” तान्या अंदर गई। यह सबवे पहले से थोड़ा अलग था। तभी वो नकाबपोश आदमी फिर प्रकट हुआ और बोला — “दूसरा मौका है। दूसरी गलती सुधारो। आगे बढ़ो और आज़ादी का दरवाज़ा खोलो। लेकिन यहाँ गलती की तो बहुत महंगी पड़ेगी।” तान्या ने मदद माँगी लेकिन आदमी ने सिर हिलाया और गायब हो गया। तभी वही औरत सामने आई जिसने पहले उस पर हथौड़े के साथ हमला किया था। लेकिन इस बार उसके चेहरे पर गहरा दुख था। वो तान्या की तरफ आई और बोली — “मेरी मदद करो, मैं यहाँ फंसी हूँ।” लेकिन तान्या डर गई और पीछे हट गई। वो भागकर Level Zero की तरफ चली गई और फिर से शुरुआत में आ गई। वो ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी। उसकी चीखें पूरे सबवे में गूंज उठीं। तभी वो नकाबपोश आदमी फिर आया और एक कविता सुनाई — “कभी हम किसी की चीख नहीं सुनते, कभी अपनी चीख से भाग नहीं पाते।” उसने तान्या को बताया कि उसने अपनी सुरक्षा को मदद से ऊपर रखा इसीलिए वो यहाँ फंसी है। और अगर उसने यह गेम पूरा नहीं किया तो वो यहाँ हमेशा के लिए फंसी रहेगी। फिर आदमी ने एक डिस्प्ले की तरफ इशारा किया। उसमें राघव दिखा — वो सो रहा था, फिर अचानक उसका शरीर काँपा, वो हवा में उठा और ज़ोर से नीचे गिर गया। तान्या की आँखें भर आईं। तान्या ने खुद को संभाला और दोबारा Level One में गई। वहाँ एक और इंसान था — वो आदमी जिसने पहले उसे नज़रअंदाज़ किया था। अब वो रो रहा था। तान्या ने उससे पूछा तो उसने बताया कि उसने अपनी प्रेग्नेंट गर्लफ्रेंड के फोन उठाने बंद कर दिए थे और तभी से वो यहाँ फंसा है। तान्या को समझ आया — इस गेम में फंसा हर इंसान अपनी किसी गलती की सज़ा भुगत रहा है। उसने उस आदमी को अपने साथ चलने को कहा। दोनों Level Two में पहुँचे। वहाँ तान्या को याद आया — निस्वार्थ बनो। उसने उस आदमी से पूछा कि वो कितने समय से यहाँ फंसा है। फिर चुपचाप वो एग्ज़िट की तरफ बढ़ने लगी। आदमी घबरा गया और चिल्लाया — “मुझे अकेला मत छोड़ो!” लेकिन तान्या बिना रुके Level Three में घुस गई। वो आदमी उसके पीछे भागा। Level Three में एक स्टील का दरवाज़ा रास्ता रोके खड़ा था। सामने वही औरत थी जिसे तान्या ने कई बार देखा था। जब वो आगे बढ़ी तो अचानक ज़मीन में एक दरवाज़ा खुला और वो उसमें गिर गई। तान्या भागकर वहाँ पहुँची लेकिन दरवाज़ा गायब हो चुका था। तभी एक डिस्प्ले जली। उसमें नकाबपोश आदमी उस मर्द और उस औरत दोनों को ज़मीन पर बाँधकर उन पर पेट्रोल डाल रहा था। फिर उसने जलती हुई माचिस फेंकी और दोनों आग में जलने लगे। उनकी दर्दनाक चीखें सबवे में गूंजने लगीं। तान्या यह सब नहीं देख सकी। उसने कानों पर हाथ रख लिए और बैठ गई। कुछ देर बाद सब शांत हो गया। स्टील का दरवाज़ा खुल गया। सामने एक बड़ा हथौड़ा रखा था। तान्या उठी, आँखें पोंछीं और हथौड़ा उठा लिया। आगे बढ़ते ही वो नकाबपोश आदमी उसके सामने आ गया। तान्या ने हथौड़ा कंधे पर उठाया और पूरी ताकत से उस पर झपट पड़ी। कुछ देर बाद तान्या ज़मीन पर बैठी थी। उसके चेहरे, हाथों और कपड़ों पर खून था। सामने उस आदमी की लाश पड़ी थी। तान्या ने काँपते हाथों से उसके चेहरे से मास्क हटाया। उसका दिल रुक गया। सामने उसका अपना ही चेहरा था। तान्या की आँखें अंधेरी हो गईं और वो वहीं बेहोश हो गई। जब उसकी आँखें खुलीं तो वो उसी मेट्रो स्टेशन पर थी जहाँ से उसने पहली बार ट्रेन पकड़ी थी। जैसे वक्त पीछे लौट आया हो। तभी उसने देखा — कुछ गुंडे एक आदमी को लूटने की कोशिश कर रहे थे। पहले वाली तान्या शायद ईयरफोन लगाकर आगे बढ़ जाती। लेकिन इस बार वो रुकी। उसने ज़मीन पर पड़ी एक लोहे की छड़ उठाई। जैसे ही गुंडों ने उसकी तरफ देखा, तान्या ने पूरी ताकत से उन पर वार किया। वो अब वही तान्या नहीं थी।
“मैंने खुद को मार दिया — Level Zero | एक लड़की की सबसे डरावनी रात | Hindi Horror Story”
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