एक समय की बात है, एक गांव में एक बहुत ही कंजूस आदमी रहता था। उसके पास बहुत सारे सोने के सिक्के थे, लेकिन वह उन्हें खर्च करने के बारे में सोच भी नहीं सकता था। उसे लगता था कि अगर वह अपना सोना खर्च करेगा तो वह गरीब हो जाएगा। इसलिए उसने अपने सारे सोने के सिक्कों को अपने बगीचे में एक गड्ढे में छुपा दिया था।
कंजूस ने गड्ढे को पत्थरों से ढक दिया था ताकि कोई उसे देख न सके। वह रोज शाम को अपने बगीचे में जाता था और पत्थरों को हटाकर अपने सोने के सिक्कों को देखता था। वह उन्हें गिनता था, उनकी चमक को निहारता था, और खुशी से मुस्कराता था। यह उसकी रोज की आदत बन गई थी। वह घंटों बैठकर अपने सोने को देखता रहता था और सोचता था कि वह कितना धनी है।
महीनों तक यह सिलसिला चलता रहा। कंजूस को लगता था कि उसका सोना बिल्कुल सुरक्षित है और कोई उसे चुरा नहीं सकता। लेकिन वह यह नहीं जानता था कि एक चोर उसकी हरकतों को देख रहा था। चोर ने देखा कि कंजूस रोज एक ही जगह जाता है और वहां कुछ करता है।
एक दिन चोर ने कंजूस का पीछा किया और देखा कि वह पत्थरों को हटाकर गड्ढे में सोने के सिक्के देख रहा है। चोर समझ गया कि यहां खजाना छुपा हुआ है। उसने धैर्य से इंतजार किया और कंजूस के जाने के बाद उसकी योजना बनाई।
अगली रात, जब पूरा गांव सो रहा था, चोर चुपचाप कंजूस के बगीचे में गया। उसने पत्थरों को हटाया और सारे सोने के सिक्के चुरा लिए। फिर उसने गड्ढे को वापस पत्थरों से ढक दिया और वहां से चला गया।
अगले दिन, जब कंजूस अपने रोजाना के काम के लिए बगीचे में गया, तो उसे बहुत बड़ा झटका लगा। गड्ढा बिल्कुल खाली था। उसके सारे सोने के सिक्के गायब थे। वह इतनी जोर से चिल्लाया कि पूरा मोहल्ला हिल गया।
उसकी आवाज सुनकर उसका पड़ोसी दौड़ता हुआ आया। कंजूस ने रोते हुए अपना पूरा किस्सा सुनाया। उसने बताया कि कैसे उसने अपना सारा सोना यहां छुपाया था और अब सब कुछ चला गया है।
पड़ोसी ने सुझाव दिया, “अरे भाई, तुमने सोना यहां क्यों छुपाया था? तुम इसे घर में रख सकते थे जहां यह ज्यादा सुरक्षित होता।”
कंजूस ने दुखी होकर जवाब दिया, “मैंने कभी इसे खर्च करने का सोचा ही नहीं था। मैं तो बस इसे देखकर खुश हो जाता था।”
पड़ोसी ने मुस्कराते हुए कहा, “तो फिर तुम यहां एक पत्थर रखकर रोज उसे देख सकते हो। जो सोना इस्तेमाल नहीं होता, वह पत्थर के बराबर ही होता है।”
वस्तुओं की उपयोगिता उनके उपयोग में है, संग्रह में नहीं।

