आदित्य अपनी दादी शांता बाई के साथ चूल्हे के पास बैठा हाथ सेक रहा था। दादी बड़ी सी कढ़ाई में कड़छी चला रही थीं। “दादी, क्या बना रही हो?” आदित्य ने पूछा। “हलवा बेटा,” दादी मुस्कुराईं। “किस चीज का हलवा?” “यह है मिट्टी का हलवा।” आदित्य की आंखें आश्चर्य से बड़ी हो गईं। पंद्रह साल…
Month: November 2025
रेत में छुपा खजाना | मेहनती मजदूर की किस्मत बदली | प्रेरणादायक कहानी
सर्दी का मौसम था। छोटे से गाँव में राजू अपनी पत्नी सीमा के साथ रहता था। गरीबी ने उनके घर को चारों तरफ से घेर रखा था। राजू दूसरों के खेतों में मजदूरी करके किसी तरह घर चलाता था। एक दिन सुबह जब राजू काम पर जाने लगा, तो उसने सीमा को आवाज दी। सीमा…
एक साधु की भविष्यवाणी – जीवन बदल देने वाली कहानी | Inspirational Hindi Kahani
आठ वर्षीय आर्यन गहरी नींद में सोया हुआ था। उसे क्या पता था कि उसके माता-पिता राघव और मीना रात के अंधेरे में एक दर्दनाक निर्णय ले चुके थे। गरीबी और कर्ज के बोझ से दबे दोनों ने मृत्यु को चुना। “मीना, जल्दी करो। कहीं आर्यन जाग ना जाए,” राघव ने धीरे से कहा। “हे…
Three Sisters and The Wind God
एक सुदूर गाँव में वृद्ध किसान धनराज अपनी तीन बेटियों के साथ रहता था। बड़ी बेटी का नाम रूपा था, मझली का नाम चंपा और सबसे छोटी का नाम गौरी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, फिर भी वे सुखपूर्वक अपने दिन गुजार रहे थे। एक दिन अचानक गाँव में भयंकर वर्षा शुरू हो गई।…
दयालु किसान रामू और ममता भरा खरगोश बन्नी गांव के बाहर एक छोटी सी झोपड़ी में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसके पास कुछ बीघा जमीन थी जिसमें वह मेहनत से खेती करता था। इस साल उसने अपने पूरे खेत में आलू बोए थे। रामू हर सुबह और शाम अपने खेत में…
कंजूसी का पाठ | भावुक कहानी | सच्ची शिक्षा
धनपुर गांव की सीमा पर मालती अपने बेटे अर्जुन के साथ रहती थी। मालती ने अकेले ही जीवन भर संघर्ष करके अपने बेटे को पाला था। पति का साया अर्जुन के जन्म के बाद ही सिर से उठ गया था। अब अर्जुन बड़ा हो चुका था और शहर में अच्छी नौकरी करता था। “बेटा उठ…
नेवले और चूहे की लड़ाई | जंगल की शिक्षाप्रद कहानी | Hindi Moral Story
घने जंगल के बीचोंबीच एक विशाल बरगद का पेड़ था। उस पेड़ की जड़ों के नीचे अनगिनत बिल बने हुए थे, जहाँ चिंकू और उसका पूरा परिवार रहता था। चिंकू एक छोटा सा भूरे रंग का चूहा था, जिसकी काली आँखें हमेशा चमकती रहती थीं। उसके साथ उसके पचास से भी ज्यादा साथी चूहे रहते…
सच्चा खजाना – शंकरपुर की कहानी यह कहानी है शंकरपुर गांव की, जहां दूर-दूर तक फैली हरियाली, मेहनती किसानों की मेहनत और सादगी भरा जीवन था। गांव की गलियों में बच्चों की किलकारी, औरतों का गीत और खेतों में काम करते किसानों की आवाजें गूंजती रहती थीं। लेकिन इस सुंदर गांव में एक पुराना रहस्य…
झोलामल की दुकानदारी
गांव के इकलौते किराना दुकानदार मोहनलाल अपनी बेईमानी के लिए मशहूर था। एक दिन राजू उसकी दुकान पर आया और छह किलो चीनी मांगी। बगल में खड़े संतोष ने हैरानी से पूछा, “भाई, छह किलो क्यों? लोग तो पांच किलो लेते हैं।” राजू मुस्कुराया, “दोस्त, तुम नए लगते हो। मोहनलाल तराजू में चुंबक लगाता है।…









