रात भर की मूसलाधार बारिश के बाद गांव पर कड़कड़ाती ठंड का कहर टूट पड़ा था। इसी ठंड में रमेश जंगल से लकड़ियों का भारी गट्ठर उठाए गांव की ओर लौट रहा था। आज अगर लकड़ी नहीं बिकी तो चूल्हा नहीं जलेगा। गांव के बीच खड़े पुराने बरगद के नीचे ठंड से कांपते हुए शंकर…
Folk Tales
सच्ची Friendship की कहानी 🦌🐘 | True Dosti Test | Hindi Moral Story
जयपुर के घने जंगल में राजू नाम का एक फुर्तीला हिरण रहता था। उसका सबसे प्रिय मित्र गजराज नाम का एक विशालकाय हाथी था। दोनों की मित्रता देखकर जंगल के सभी प्राणी आश्चर्यचकित हो जाते थे। राजू गजराज की पीठ पर बैठकर पूरे जंगल में घूमता था। गजराज जैसा शक्तिशाली मित्र होने के कारण राजू…
हरित वन में सभी जानवर और पक्षी अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। रोहन हाथी अपनी पीठ पर लकड़ियों का गट्ठर लादे जा रहा था। तभी चंचल हिरन उसके पास आया। “अरे रोहन, तुम हाथी होकर यह मजदूरी क्यों कर रहे हो?” चंचल ने मजाक में कहा। “बरसात नजदीक है, मुझे मजबूत घर बनाना है,” रोहन…
सच्ची मित्रता की परीक्षा 🦅 True Friendship Test | बाज़ की कहानी | Hawk Moral Story | Hindi Kahaniya
घने जंगल में एक बाज़ रहता था जिसका नाम रुद्र था। रुद्र बहुत ही अकेला था और उसका कोई मित्र नहीं था। वह पूरे दिन अकेले ही आसमान में उड़ता रहता और शाम को अपने घोंसले में लौट आता। उसे अपने अकेलेपन का बहुत दुख रहता था। एक सुबह जब रुद्र अपने पेड़ की डाली…
धोखा देकर हुआ Fail! | Widow’s Powerful Comeback | देवर को मिला करारा जवाब
गांव के बाजार में सुमित्रा देवी अपने छोटे बेटे राज को गोद में लिए रो रही थी। उसके पति का हाल ही में देहांत हो गया था। पड़ोसी विक्रम काका ने उसे सांत्वना दी। “सुमित्रा, रोने से कुछ नहीं होगा। तुम्हारे हाथों में अन्नपूर्णा माता का वरदान है। तुम्हारा बनाया खाना जो एक बार खाता…
पतंग उत्सव की सीख | मकर संक्रांति की प्रेरक कहानी | Makar Sankranti Story
आज मकर संक्रांति का पावन पर्व था। सुबह-सुबह राज और टीना जल्दी उठ गए। मम्मी-पापा भी तैयार हो गए थे। घर में खुशी का माहौल था। सभी ने पीले रंग के कपड़े पहने हुए थे, जो इस त्योहार का पारंपरिक रंग है। “मम्मी-पापा, चलो जल्दी से सोसाइटी में पतंग उड़ाने चलते हैं,” टीना ने उत्साह…
जब सास को मिली अपनी गलती की सजा | Heart Touching Story | Hindi Kahani
विजयपुर नामक गाँव में रेखा नाम की एक महिला रहती थी। उसके दो बेटे थे – अर्जुन और विक्रम। रेखा बहुत ज़िद्दी और लालची स्वभाव की थी। घर में हर चीज़ उसकी मर्ज़ी से होती थी। अगर कोई उससे असहमत होता, तो वह बहुत गुस्सा हो जाती थी। कुछ महीनों बाद अर्जुन की शादी मीरा…
नाशुक्रे से शुक्रगुजार तक | Gratitude Story in Hindi | Baccho Ki Kahani
शाम का समय था। तारा माँ ने रसोई में खाना तैयार किया था। मेज पर सब्जियों की तली हुई डिश और चावल सजे थे। उन्होंने अपने बेटे अर्जुन को खाने के लिए बुलाया। “अर्जुन बेटा, खाना तैयार है। आओ खा लो,” तारा माँ ने प्यार से कहा। अर्जुन मेज पर आया और खाने को देखकर…
आलसी नाई और ब्रह्मदैत्य का खजाना | प्रेरक कहानी | Moral Story in Hindi
“निकल जाओ! मैं कहती हूं निकल जाओ घर से!” सीमा चीखी। उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया था। “बिल्कुल शर्म नहीं आती तुम्हें? घर चलाने की औकात नहीं है। बस बातें बनाना आता है। निकल जाओ यहां से!” राजू सिर झुकाए खड़ा था। उसकी पत्नी सीमा का गुस्सा आज हद पार कर गया था।…
रामदास मोची की चतुराई | Smart Shoemaker Story | Motivational Hindi Kahani
एक छोटे से गाँव में रामदास नाम का एक गरीब मोची अपनी पत्नी सरला के साथ रहता था। गाँव में काम न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी। एक दिन भोजन के लिए भी पैसे नहीं बचे तो रामदास ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। रामदास ने सरला से कहा, “प्रिये,…










